प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026: फसल का बीमा कैसे करें, प्रीमियम, पात्रता, क्लेम, आवेदन और पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 (PM Fasal Bima Yojana) किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य निर्धारित जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा देने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख फसल बीमा योजना है। इस योजना के तहत किसान अपनी अधिसूचित फसल का बीमा करवा सकते हैं और निर्धारित जोखिमों के कारण नुकसान होने पर योजना के नियमों के अनुसार बीमा दावा प्राप्त कर सकते हैं।

किसान को फसल और मौसम के अनुसार सीमित प्रीमियम देना होता है। सामान्यतः अधिसूचित खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन फसलों पर किसान का अधिकतम हिस्सा 2%, रबी खाद्यान्न एवं तिलहन फसलों पर 1.5% तथा वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों पर 5% तक होता है। वास्तविक premium और coverage राज्य द्वारा अधिसूचित फसल, क्षेत्र और बीमा व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होते हैं।

2026 में PMFBY की जानकारी के लिए किसानों को केवल पुराने articles या सोशल मीडिया पोस्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि फसल, जिला, बीमा कंपनी और आवेदन की अंतिम तारीख राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित की जाती है। Official PMFBY portal पर किसान enrollment, premium calculator, application status और crop-loss reporting जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस लेख में जानेंगे PM Fasal Bima Yojana 2026 क्या है, कौन किसान पात्र है, कितना प्रीमियम देना होगा, कौन-कौन सी फसल और नुकसान कवर होते हैं, ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, फसल खराब होने पर claim कैसे करें, 72 घंटे वाली शर्त कब लागू होती है, status कैसे देखें और शिकायत कहां करें।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को PMFBY यानी Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana कहा जाता है।

यह एक crop insurance scheme है जिसका उद्देश्य किसानों को ऐसी प्राकृतिक और गैर-रोकथाम योग्य परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा देना है, जिनसे खेती पर गंभीर असर पड़ सकता है।

योजना में सूखा, बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, ओलावृष्टि, चक्रवात, असामान्य वर्षा, प्राकृतिक आग और निर्धारित कीट एवं रोग जैसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान के लिए विभिन्न प्रकार के coverage provisions हैं।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने पर किसान को आर्थिक सहायता मिले और वह अगली फसल की तैयारी तथा कृषि गतिविधियां जारी रख सके।


PM Fasal Bima Yojana 2026 का उद्देश्य

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • किसानों को फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देना
  • प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जोखिम को कम करना
  • किसानों की आय को अधिक स्थिर बनाने में मदद करना
  • फसल खराब होने पर किसान की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना
  • किसानों को खेती में निवेश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना
  • आधुनिक technology के माध्यम से crop-loss assessment को अधिक पारदर्शी बनाना

PMFBY में crop assessment और claim settlement को बेहतर बनाने के लिए YES-TECH, WINDS और अन्य technology initiatives का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए Fund for Innovation and Technology यानी FIAT की भी व्यवस्था की है।


PM Fasal Bima Yojana में किसान को कितना प्रीमियम देना पड़ता है?

PMFBY की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक किसान द्वारा भुगतान किया जाने वाला सीमित premium है।

सामान्य maximum farmer premium इस प्रकार है:

फसल का प्रकारकिसान का अधिकतम प्रीमियम
खरीफ खाद्यान्न और तिलहन2%
रबी खाद्यान्न और तिलहन1.5%
वार्षिक वाणिज्यिक फसल5%
वार्षिक बागवानी फसल5%

यह प्रतिशत Sum Insured के संदर्भ में लागू होता है। संबंधित फसल/क्षेत्र के लिए वास्तविक बीमा premium और सरकारी subsidy की गणना scheme guidelines और राज्य की notification के अनुसार होती है।

उदाहरण

मान लीजिए किसी अधिसूचित खरीफ फसल के लिए किसान की insured amount ₹1,00,000 है।

यदि लागू farmer premium rate 2% है, तो किसान का maximum share:

₹1,00,000 × 2% = ₹2,000

हो सकता है।

इसी तरह ₹1,00,000 की insured amount वाली रबी खाद्यान्न फसल में 1.5% की दर पर:

₹1,00,000 × 1.5% = ₹1,500

का farmer share होगा।

हालांकि वास्तविक premium निकालते समय संबंधित राज्य की notification और policy details जरूर देखें।


सरकार कितना प्रीमियम देती है?

PMFBY में farmer premium के अलावा actuarial premium का बाकी हिस्सा सरकार की subsidy के माध्यम से support किया जाता है।

इसका उद्देश्य यह है कि किसान को फसल बीमा के लिए पूरा actuarial premium नहीं देना पड़े और उसकी premium liability निर्धारित सीमा तक सीमित रहे।

इसलिए PMFBY में किसान के लिए crop insurance अपेक्षाकृत कम premium पर उपलब्ध कराया जाता है।


PM Fasal Bima Yojana में कौन-कौन सी फसलें कवर होती हैं?

PMFBY के अंतर्गत notified crops के अनुसार मुख्य रूप से निम्न categories शामिल हो सकती हैं:

1. खाद्यान्न फसलें

  • गेहूं
  • धान
  • ज्वार
  • बाजरा
  • मक्का
  • अन्य cereals
  • pulses

2. तिलहन

  • सरसों
  • सोयाबीन
  • मूंगफली
  • अन्य notified oilseeds

3. वाणिज्यिक फसलें

राज्य की notification के अनुसार अलग-अलग commercial crops को शामिल किया जा सकता है।

4. बागवानी फसलें

Annual horticultural crops भी scheme के अंतर्गत notified होने पर insured की जा सकती हैं।

महत्वपूर्ण: हर फसल हर जिले में automatically insured नहीं होती। कौन सी फसल, कौन सा क्षेत्र और कौन सा मौसम योजना में notified है, इसकी जानकारी संबंधित राज्य की notification से देखनी चाहिए।


PM Fasal Bima Yojana में कौन किसान पात्र है?

PMFBY में eligibility मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि किसान द्वारा उगाई जा रही फसल संबंधित क्षेत्र और season के लिए notified है या नहीं तथा किसान scheme के अनुसार insurance लेता है या नहीं।

योजना में loanee और non-loanee farmers दोनों के लिए provisions हैं। Official PMFBY information के अनुसार दोनों categories के लिए sum insured का आधार notified crop और निर्धारित Scale of Finance से जुड़ा होता है।

इसलिए केवल जमीन का मालिक होना ही एकमात्र आधार नहीं है।


क्या किरायेदार किसान PM Fasal Bima Yojana का लाभ ले सकते हैं?

हां, पात्रता और आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर tenant farmers और sharecroppers भी PMFBY में शामिल हो सकते हैं।

लेकिन उन्हें संबंधित राज्य की notification और insurance enrollment requirements के अनुसार अपनी खेती तथा insured crop से संबंधित आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।

इसलिए किरायेदार या बटाईदार किसान को आवेदन से पहले अपने जिले में लागू documentation requirements जरूर जांचनी चाहिए।


क्या बिना जमीन के मालिक बने किसान बीमा करा सकते हैं?

यदि किसान जमीन का मालिक नहीं है लेकिन वह वैध रूप से notified crop की खेती कर रहा है, तो scheme provisions के अनुसार tenant/sharecropper farmer को भी coverage मिल सकता है।

हालांकि केवल मौखिक रूप से किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन पर खेती करने से automatic eligibility साबित नहीं होती।

किसान को राज्य द्वारा स्वीकार किए जाने वाले cultivation/tenancy documents और अन्य required details देने पड़ सकते हैं।


PM Fasal Bima Yojana में कौन-कौन से नुकसान कवर होते हैं?

PMFBY में निर्धारित non-preventable risks के कारण होने वाले crop losses के लिए coverage दिया जाता है।

मुख्य risks में शामिल हैं:

  • सूखा
  • dry spell
  • बाढ़
  • जलभराव
  • भूस्खलन
  • ओलावृष्टि
  • चक्रवात
  • cyclonic rain
  • storm
  • natural fire
  • lightning
  • pests
  • diseases
  • अन्य notified natural calamities

Official PMFBY FAQ में standing crop losses, prevented sowing, localized calamities और post-harvest losses के लिए अलग-अलग coverage provisions बताए गए हैं।


Prevented Sowing क्या होता है?

कई बार किसान खेती करने की तैयारी कर चुका होता है लेकिन adverse weather conditions के कारण बड़े क्षेत्र में फसल की बुवाई या plantation ही संभव नहीं हो पाती।

ऐसी स्थिति को Prevented Sowing/Planting provisions के तहत cover किया जा सकता है, यदि संबंधित क्षेत्र और फसल के लिए यह provision notified हो तथा scheme की सभी conditions पूरी होती हों।

Official FAQ के अनुसार निर्धारित परिस्थितियों में maximum 25% of sum insured तक indemnity का provision है।


Localized Calamity क्या है?

Localized calamity का मतलब ऐसी प्राकृतिक घटना से है जिससे किसी notified area में कुछ individual farms को नुकसान हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर:

  • ओलावृष्टि
  • भूस्खलन
  • localized inundation

जैसी घटनाएं कुछ खेतों को अलग से प्रभावित कर सकती हैं।

ऐसे मामलों में individual farm-level loss assessment के provisions लागू हो सकते हैं।


Post-Harvest Loss क्या है?

कटाई के बाद खेत में रखी फसल भी कुछ निर्धारित परिस्थितियों में प्राकृतिक आपदा से खराब हो सकती है।

PMFBY में specified crops के लिए harvest के बाद खेत में cut and spread या छोटे bundles में drying के लिए रखी फसल को कुछ निर्धारित perils के कारण हुए नुकसान के लिए coverage दिया जा सकता है।

Official guidelines के अनुसार यह coverage अधिकतम 14 दिनों तक की निर्धारित post-harvest अवधि से जुड़ा है और केवल scheme में निर्धारित परिस्थितियों में लागू होता है।


फसल खराब होने पर 72 घंटे में सूचना देना जरूरी है?

यह बहुत महत्वपूर्ण बात है।

कई websites पर लिखा होता है कि हर फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर देना अनिवार्य है। यह बात पूरी तरह सही नहीं है।

72 घंटे की loss-intimation requirement खास तौर पर localized calamity और post-harvest losses जैसे individual assessment cases में लागू होती है। संबंधित operational guidelines में insured farmer द्वारा immediate intimation within 72 hours का provision दिया गया है।

इसलिए यदि आपके खेत में ओलावृष्टि या किसी localized event से अलग से नुकसान हुआ है, तो देर किए बिना insurer, bank, agriculture department या निर्धारित claim channel को सूचना दें।


फसल नुकसान की सूचना कहां दें?

फसल नुकसान की स्थिति में किसान संबंधित व्यवस्था के अनुसार सूचना दे सकता है।

इसके लिए:

  • बीमा कंपनी
  • संबंधित बैंक
  • कृषि विभाग/स्थानीय सरकारी अधिकारी
  • निर्धारित claim reporting channel

का उपयोग किया जा सकता है।

वर्तमान PMFBY portal पर किसानों के लिए Krishi Rakshak Portal & Helpline (KRPH) उपलब्ध है और official portal पर crop-loss reporting तथा grievance सुविधा भी दी गई है।

PMFBY की official website पर वर्तमान में 14447 helpline number भी प्रदर्शित किया गया है।


PM Fasal Bima Yojana में Claim कैसे करें?

यदि आपकी insured crop को covered risk के कारण नुकसान हुआ है तो claim process नुकसान के प्रकार पर निर्भर करेगा।

Step 1: नुकसान की जानकारी तुरंत दें

Localized या post-harvest loss होने पर निर्धारित समय के भीतर सूचना देना महत्वपूर्ण है।

Step 2: Policy details तैयार रखें

अपनी:

  • policy/application details
  • insured crop
  • survey number
  • acreage
  • bank details

आदि जानकारी उपलब्ध रखें।

Step 3: Loss assessment

नुकसान की प्रकृति के अनुसार survey/assessment किया जाता है।

Step 4: Crop loss calculation

Scheme guidelines के अनुसार निर्धारित methodology से नुकसान का assessment किया जाता है।

Step 5: Claim settlement

Eligibility और assessment के बाद approved claim amount संबंधित प्रक्रिया के अनुसार किसान को भुगतान किया जाता है।

PMFBY में technology-based crop assessment और claim processing को बढ़ावा दिया जा रहा है।


PM Fasal Bima Yojana में Online Apply कैसे करें?

किसान PMFBY की official website के माध्यम से उपलब्ध online enrollment facility का उपयोग कर सकता है।

Step 1

Official PMFBY portal खोलें।

PM Fasal Bima Yojana Official Portal

Step 2

Farmer Corner में जाएं।

Step 3

Apply for Crop Insurance / Enroll Now विकल्प चुनें।

Step 4

आवश्यक details भरें।

Step 5

अपनी:

  • crop details
  • land/cultivation details
  • season
  • bank details

आदि verify करें।

Step 6

लागू premium amount जमा करें।

Step 7

Application submit करने के बाद acknowledgement/policy details सुरक्षित रखें।

Official PMFBY portal पर वर्तमान में farmer enrollment के साथ Premium Calculator और Application Status जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।


CSC से PM Fasal Bima Yojana कैसे करें?

जो किसान खुद online application नहीं कर पाते वे अपने नजदीकी CSC Center से सहायता ले सकते हैं।

CSC operator किसान की जानकारी के आधार पर उपलब्ध insurance enrollment process पूरी करने में सहायता कर सकता है।

आवेदन के बाद किसान को application/insurance acknowledgement जरूर लेना चाहिए।

ध्यान रखें: CSC या किसी अन्य operator को अनावश्यक payment न करें। किसी भी service charge के बारे में पहले स्पष्ट जानकारी लें और official receipt लें।


Bank से PM Fasal Bima Yojana कैसे करें?

किसान अपने संबंधित bank branch से भी crop insurance enrollment के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।

विशेष रूप से जिन किसानों का KCC या agricultural banking relationship है, वे अपने bank से पूछ सकते हैं कि संबंधित season में कौन सी फसल और area notified है तथा enrollment की अंतिम तारीख क्या है।


PM Fasal Bima Yojana की Last Date क्या है?

PMFBY की एक fixed nationwide last date नहीं होती।

Kharif और Rabi season के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों, जिलों और notified crops के लिए enrollment deadline अलग हो सकती है।

इसलिए “PM Fasal Bima Yojana 2026 Last Date” खोजते समय केवल किसी पुराने article की तारीख पर भरोसा न करें।

अपने राज्य की वर्तमान notification और official PMFBY portal पर उपलब्ध crop calendar/details को देखें।


PM Fasal Bima Yojana में Sum Insured क्या होता है?

Sum Insured वह निर्धारित राशि है जिसके आधार पर crop insurance coverage और farmer premium की गणना की जाती है।

Official PMFBY FAQ के अनुसार notified crop के लिए sum insured सामान्यतः district-level notified Scale of Finance per hectare × insured area के आधार पर निर्धारित होता है।

इसलिए सभी किसानों के लिए एक जैसी ₹1 लाख या ₹2 लाख insurance राशि automatically नहीं होती।

फसल, क्षेत्र और notified Scale of Finance के अनुसार coverage बदल सकता है।


PM Fasal Bima Yojana में Premium Calculator

किसान को premium की अनुमानित राशि जानने के लिए PMFBY की official website पर Insurance Premium Calculator की सुविधा उपलब्ध है।

इससे किसान enrollment से पहले यह समझ सकता है कि चुनी गई crop और area के लिए कितना premium applicable हो सकता है।

PMFBY Premium Calculator


PM Fasal Bima Yojana का Application Status कैसे देखें?

यदि आपने PMFBY के तहत insurance कराया है तो official portal पर application status check करने की सुविधा उपलब्ध है।

इसके लिए:

  1. PMFBY official website खोलें।
  2. Application Status विकल्प चुनें।
  3. मांगी गई policy/application details दर्ज करें।
  4. status check करें।

Official portal policy ID के माध्यम से application status देखने की सुविधा प्रदान करता है।


PM Fasal Bima Yojana में Claim Status कैसे देखें?

Claim की स्थिति जानने के लिए किसान official PMFBY portal और संबंधित insurer की उपलब्ध services का उपयोग कर सकता है।

यदि claim processing में समस्या है तो policy number, application details और loss intimation details के साथ संबंधित insurance company या official grievance channel से संपर्क करना चाहिए।

PMFBY portal पर grievance और crop-loss reporting की सुविधाएं उपलब्ध हैं।


PM Fasal Bima Yojana में कौन से Documents लगते हैं?

आवेदन के लिए आवश्यक documents राज्य और enrollment category के अनुसार अलग हो सकते हैं।

सामान्य रूप से किसान को ये details/documents तैयार रखने चाहिए:

  • Aadhaar Card
  • Mobile Number
  • Bank Account Details
  • Bank Passbook
  • Land Record
  • Cultivation/tenancy related documents, जहां लागू हो
  • Crop details
  • Survey/Khasra Number
  • Area under cultivation
  • अन्य राज्य द्वारा मांगे गए documents

आवेदन से पहले संबंधित bank, CSC या insurance channel से current document list verify करना बेहतर है।


क्या Aadhaar जरूरी है?

PMFBY में Aadhaar authentication/identification से संबंधित provisions लागू हैं। इसलिए किसान को Aadhaar details और authentication requirements पूरी करनी पड़ सकती हैं।

फिर भी application के दौरान केवल official portal या अधिकृत service provider का इस्तेमाल करें।


क्या किसान को नुकसान न होने पर Premium वापस मिलता है?

नहीं।

Crop insurance का उद्देश्य risk coverage प्रदान करना है। यदि insured crop को covered loss नहीं होता तो सामान्य insurance principle के अनुसार किसान द्वारा दिया गया premium केवल इसलिए वापस नहीं किया जाता कि उस season में claim नहीं किया गया।

इसलिए PMFBY को savings scheme या investment scheme समझना गलत है।


क्या हर फसल का नुकसान होने पर Claim मिलेगा?

नहीं।

Claim तभी मिलेगा जब:

  1. फसल insurance के तहत insured हो।
  2. संबंधित crop और area notified हो।
  3. नुकसान किसी covered peril/risk के कारण हुआ हो।
  4. claim scheme की conditions के अनुसार eligible हो।
  5. आवश्यक loss assessment और अन्य formalities पूरी हों।

यदि नुकसान किसी excluded peril के कारण हुआ है तो claim नहीं मिल सकता।


PMFBY में कौन से नुकसान सामान्यतः Excluded हैं?

Scheme में सभी प्रकार के crop losses automatically covered नहीं होते।

Official FAQ में कुछ excluded risks में:

  • युद्ध और उससे जुड़े जोखिम
  • nuclear risks
  • riots
  • malicious damage
  • theft
  • कुछ अन्य excluded परिस्थितियां
  • पशुओं द्वारा नुकसान

जैसी स्थितियां शामिल हैं।

इसलिए insurance करवाने से पहले policy conditions और notified risks जरूर पढ़ें।


PM Fasal Bima Yojana में Technology का उपयोग

PMFBY में crop loss assessment को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए technology का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।

Official portal पर:

  • YES-TECH
  • WINDS
  • CCE App
  • CLAP
  • Farmer App
  • AIDE

जैसी technology initiatives और digital tools उपलब्ध हैं।

इनका उद्देश्य crop estimation, weather data, crop-cutting experiments, loss assessment और grievance management को बेहतर बनाना है।


PM Fasal Bima Yojana के फायदे

योजना किसानों को कई तरह की आर्थिक सुरक्षा देने में मदद करती है।

कम किसान प्रीमियम

किसान के लिए premium निर्धारित maximum rates तक सीमित रहता है।

प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा

सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात और अन्य notified risks के कारण होने वाले नुकसान के लिए coverage मिलता है।

कई प्रकार की crop losses

Standing crop के अलावा prevented sowing, localized calamity और कुछ post-harvest losses के लिए भी अलग provisions हैं।

Digital services

Application status, premium calculator और crop-loss reporting जैसी online सुविधाएं उपलब्ध हैं।

किसान की आर्थिक स्थिति को सहारा

फसल खराब होने के बाद insurance claim खेती के नुकसान को संभालने में आर्थिक मदद कर सकता है।


PM Fasal Bima Yojana 2026: एक नजर में

जानकारीविवरण
योजनाप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
Short NamePMFBY
उद्देश्यफसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा
लाभार्थीपात्र insured farmers
खरीफ खाद्यान्न/तिलहन premiumअधिकतम 2%
रबी खाद्यान्न/तिलहन premiumअधिकतम 1.5%
Annual Commercial/Horticulturalअधिकतम 5%
CoverageNotified crops और notified areas
प्रमुख risksसूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, pests/diseases आदि
Post-Harvestनिर्धारित crops/perils में अधिकतम 14 दिन तक
Localized Lossनिर्धारित notified risks के लिए
Online Portalpmfby.gov.in
Premium Calculatorउपलब्ध
Application Statusउपलब्ध
Crop Loss/GrievanceKRPH/official channels
Official Helpline14447

PM Fasal Bima Yojana 2026 FAQs

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की crop insurance scheme है, जिसमें पात्र किसानों की notified crops को निर्धारित प्राकृतिक एवं अन्य covered risks से होने वाले नुकसान के खिलाफ insurance protection दिया जाता है।

PM Fasal Bima Yojana में किसान कितना premium देता है?

सामान्य maximum farmer share खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन के लिए 2%, रबी खाद्यान्न एवं तिलहन के लिए 1.5% और annual commercial/horticultural crops के लिए 5% है।

क्या किरायेदार किसान फसल बीमा करा सकते हैं?

हां, scheme provisions के अनुसार eligible tenant और sharecropper farmers भी शामिल हो सकते हैं, subject to applicable state requirements.

क्या बाढ़ से फसल खराब होने पर claim मिलता है?

यदि संबंधित फसल और क्षेत्र PMFBY में notified हैं और बाढ़/जलभराव उस policy के covered risk में आता है, तो scheme rules के अनुसार claim मिल सकता है।

ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर क्या करें?

नुकसान की सूचना तुरंत संबंधित insurance company, bank, agriculture department या निर्धारित claim channel को दें। Localized loss के मामलों में निर्धारित time limit का विशेष ध्यान रखें।

क्या हर crop loss की सूचना 72 घंटे में देनी होती है?

72 घंटे की immediate intimation requirement विशेष रूप से localized calamity और post-harvest loss जैसे individual assessment cases में महत्वपूर्ण है। हर प्रकार के widespread yield loss पर इसे एक जैसी blanket condition नहीं मानना चाहिए।

PMFBY की last date क्या है?

Last date season, state, district और notified crop के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए अपने राज्य की current notification और official portal देखें।

PM Fasal Bima Yojana का official website क्या है?

PMFBY Official Website

PMFBY का helpline number क्या है?

Official PMFBY portal पर वर्तमान में 14447 Krishi Rakshak Portal & Helpline के रूप में दिया गया है।

PMFBY application status कैसे देखें?

Official PMFBY portal पर उपलब्ध Application Status सुविधा का उपयोग करके policy/application details से status check किया जा सकता है।

क्या PMFBY में Premium Calculator है?

हां। Official PMFBY portal पर Insurance Premium Calculator उपलब्ध है।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य निर्धारित जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है।

योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान को पूरी actuarial premium राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता। सामान्य maximum farmer premium खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन के लिए 2%, रबी खाद्यान्न एवं तिलहन के लिए 1.5% और annual commercial तथा horticultural crops के लिए 5% तक सीमित है।

हालांकि किसान को यह समझना जरूरी है कि हर फसल और हर नुकसान automatically insured नहीं होता। फसल, जिला, मौसम और संबंधित area का notified होना आवश्यक है। इसी तरह claim का भुगतान नुकसान के प्रकार, insurance coverage, assessment और scheme guidelines के अनुसार होता है।

यदि फसल को localized calamity या post-harvest loss से नुकसान हुआ है तो 72 घंटे के भीतर सूचना देने वाली requirement का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नुकसान की जानकारी देते समय policy details और crop information सुरक्षित रखें।

2026 में आवेदन, premium और claim की सबसे सही जानकारी के लिए किसान को PMFBY के official portal पर उपलब्ध current information देखनी चाहिए। Official website पर enrollment, premium calculator, application status और crop-loss/grievance जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

PM Fasal Bima Yojana Official Portal

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। PMFBY में notified crops, insured areas, premium, enrollment dates, insurance company, claim process और अन्य operational conditions राज्य एवं मौसम के अनुसार अलग हो सकती हैं। आवेदन या claim करने से पहले official PMFBY portal, संबंधित राज्य कृषि विभाग, बैंक या अधिकृत insurance channel से नवीनतम जानकारी जरूर verify करें।

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