बाप-दादा के जमाने की जमीन का भू-नक्शा और पुराने कागज ऑनलाइन कैसे निकालें 2026

पैतृक जमीन का रिकॉर्ड 2026: अगर आपके बाप-दादा या परिवार के नाम कभी जमीन दर्ज रही है और आप उसका भू-नक्शा, खसरा, खतौनी, जमाबंदी, खाता विवरण या पुराने भूमि रिकॉर्ड देखना चाहते हैं, तो अब कई राज्यों में यह जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। राज्य सरकारों ने Land Records को digital किया है, जिसके कारण नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से जमीन से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

हालांकि, एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि हर 20, 30 या 50 साल पुराने जमीन के कागज जरूरी नहीं कि online उपलब्ध हों। पुराने रिकॉर्ड का digitization किस वर्ष तक हुआ है, यह राज्य और जिले के अनुसार अलग हो सकता है। अगर बहुत पुराना रिकॉर्ड online नहीं मिलता है, तो संबंधित तहसील, राजस्व कार्यालय, रिकॉर्ड रूम या अन्य सरकारी कार्यालय से पुरानी प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी पड़ सकती है।

इस लेख में हम जानेंगे कि बाप-दादा की जमीन का भू-नक्शा कैसे देखें, पुराने खसरा-खतौनी कैसे खोजें, जमीन किसके नाम है कैसे पता करें, जमीन का खाता नंबर और गाटा नंबर कैसे देखें, भू-नक्शा डाउनलोड कैसे करें और online record नहीं मिलने पर क्या करना चाहिए।


बाप-दादा की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन क्यों देखें?

पैतृक संपत्ति कई बार वर्षों तक परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम से चली आती है। पुराने समय में जमीन की जानकारी कागजी रजिस्टर में दर्ज होती थी, इसलिए कई परिवारों को यह पता नहीं होता कि उनके पूर्वजों के नाम पर कितनी जमीन दर्ज थी।

Online land record देखने से आपको कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।

जमीन के मालिक का नाम

आप देख सकते हैं कि उपलब्ध सरकारी record में जमीन किस व्यक्ति या खातेदार के नाम दर्ज है।

खसरा या गाटा नंबर

जमीन के किसी विशेष टुकड़े की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाला नंबर देखा जा सकता है।

खाता संख्या

एक खातेदार या परिवार से जुड़े भूमि रिकॉर्ड को खोजने में खाता संख्या उपयोगी होती है।

जमीन का क्षेत्रफल

Record में दर्ज भूमि का area देखा जा सकता है।

भू-नक्शा

कुछ राज्यों के Bhu-Naksha portal पर जमीन की location और plot boundaries का map देखा जा सकता है।

नामांतरण की जानकारी

कुछ राज्यों में mutation या दाखिल-खारिज से संबंधित status भी online देखा जा सकता है।


क्या बाप-दादा की 50 साल पुरानी जमीन ऑनलाइन देख सकते हैं?

यह पूरी तरह राज्य और उपलब्ध digital records पर निर्भर करता है।

यदि आपके राज्य के Revenue Department ने पुराने land records को digitize करके online database में उपलब्ध कराया है, तो पुराने record की जानकारी online मिल सकती है।

लेकिन अगर 40-50 साल पुराना record अभी digital database में उपलब्ध नहीं है, तो उसे केवल online search करने पर नहीं पाया जा सकता।

ऐसी स्थिति में आपको:

  • तहसील
  • राजस्व कार्यालय
  • रिकॉर्ड रूम
  • लेखपाल/पटवारी
  • संबंधित भूमि अभिलेख कार्यालय

से संपर्क करना पड़ सकता है।

इसलिए यह दावा करना सही नहीं है कि भारत की हर जमीन का 50 या 100 साल पुराना record निश्चित रूप से online उपलब्ध है।


जमीन का भू-नक्शा क्या होता है?

भू-नक्शा जमीन का ऐसा map होता है जिसमें किसी गांव या क्षेत्र के अलग-अलग plots की स्थिति और सीमाएं दिखाई जा सकती हैं।

भू-नक्शे में उपलब्ध जानकारी राज्य के portal के अनुसार अलग हो सकती है।

आमतौर पर इससे आप:

  • Plot/Gata/Khasra number
  • जमीन की location
  • आसपास के plots
  • plot boundaries
  • संबंधित map information

जैसी चीजें देख सकते हैं।

लेकिन भू-नक्शे को देखकर अकेले जमीन का मालिकाना हक तय नहीं किया जाना चाहिए। Ownership verify करने के लिए संबंधित RoR/खतौनी/जमाबंदी और अन्य applicable revenue तथा registration records भी देखना जरूरी हो सकता है।


खसरा, खाता और खतौनी में क्या अंतर है?

जमीन के record खोजते समय इन शब्दों को समझना काफी जरूरी है।

शब्दआसान भाषा में अर्थ
खसरा/गाटा नंबरजमीन के किसी विशेष plot की पहचान संख्या
खाता नंबरखातेदार से संबंधित भूमि खाते की संख्या
खतौनीभूमि और खातेदार से संबंधित revenue record
भू-नक्शाजमीन की location और boundaries का map
जमाबंदीकई राज्यों में land-rights/revenue record के लिए इस्तेमाल होने वाला record
नामांतरण/दाखिल-खारिजजमीन के record में नए व्यक्ति का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया

राज्य के अनुसार इन records के नाम और format अलग हो सकते हैं।


बाप-दादा की जमीन का भू-नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें?

अगर आपके राज्य में Bhu-Naksha की online सुविधा उपलब्ध है, तो सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार होती है।

Step 1: अपने राज्य की Official Land Record Website खोलें

सबसे पहले अपने राज्य के Revenue Department, Bhulekh या Bhu-Naksha portal पर जाएं।

किसी random private website के बजाय official government portal का उपयोग करें।


Step 2: जिला चुनें

Portal खुलने के बाद आपको सबसे पहले:

District / जिला

चुनने का option मिल सकता है।

अपने पूर्वजों की जमीन जिस जिले में स्थित है, उस जिले का चयन करें।


Step 3: तहसील या Sub-District चुनें

इसके बाद संबंधित:

Tehsil / तहसील

या

Sub-District

का चयन करें।


Step 4: गांव चुनें

अब उस गांव या मौजा का चयन करें जहां जमीन स्थित है।

अगर आपके पास पुराने कागज हैं तो उनमें लिखे गांव, तहसील और जिले के नाम को देखकर जानकारी भरना आसान होगा।


Step 5: खसरा या गाटा नंबर खोजें

अगर आपके पास पुराने document में खसरा नंबर या गाटा नंबर लिखा है, तो उसी से जमीन खोजना सबसे आसान हो सकता है।

कुछ portals पर नाम या खाता संख्या से search करने की सुविधा भी मिलती है।


Step 6: Plot को Map पर देखें

सही plot number select करने के बाद उपलब्ध map information दिखाई जा सकती है।

यहां आप plot की स्थिति और आसपास की जमीनों को देख सकते हैं।


बाप-दादा की जमीन का खसरा-खतौनी कैसे देखें?

अगर आपको भू-नक्शे के साथ जमीन का ownership/revenue record भी देखना है, तो अपने राज्य के Bhulekh/Land Records portal पर जाएं।

सामान्य प्रक्रिया:

  1. State चुनें
  2. District चुनें
  3. Tehsil चुनें
  4. Village चुनें
  5. Search option चुनें
  6. Khasra/Gata/Khata या नाम से search करें
  7. उपलब्ध land record देखें
  8. जरूरत हो तो print/download option का उपयोग करें

कुछ राज्यों में record देखने के लिए captcha या अन्य verification भी हो सकता है।


अगर खसरा नंबर नहीं पता तो जमीन कैसे खोजें?

यह सबसे आम समस्या है।

अगर आपके पास पुराने कागज नहीं हैं और खसरा/गाटा नंबर भी नहीं पता, तो कुछ राज्य portals पर खातेदार के नाम से search करने की सुविधा देते हैं।

आपको अपने बाप, दादा या पुराने खातेदार का नाम पता होना चाहिए।

उदाहरण के लिए यदि जमीन आपके दादा के नाम थी तो portal पर उपलब्ध Owner/Khatedar Name search option से उनका नाम खोजा जा सकता है।

लेकिन पुराने नाम की spelling अलग होने पर search में record नहीं मिल सकता।

ऐसी स्थिति में नाम के अलग-अलग spelling variations आजमाना उपयोगी हो सकता है।


अगर दादा के नाम से Record नहीं मिल रहा है तो क्या करें?

Record नहीं मिलने के कई कारण हो सकते हैं।

पहला कारण: नाम की spelling अलग हो सकती है

पुराने records में नाम किसी अन्य spelling या स्थानीय भाषा में दर्ज हो सकता है।

दूसरा कारण: जमीन का नामांतरण हो चुका हो

आपके दादा की मृत्यु के बाद जमीन परिवार के अन्य सदस्यों के नाम transfer हुई हो सकती है।

तीसरा कारण: पुराना record digitize नहीं हुआ हो

बहुत पुराने records का online database में उपलब्ध न होना संभव है।

चौथा कारण: गांव या तहसील का नाम बदल गया हो

समय के साथ administrative boundaries और गांव/तहसील के नाम बदल सकते हैं।

पांचवां कारण: जमीन का खसरा नंबर बदल गया हो

चकबंदी, पुनर्गठन या अन्य revenue processes के कारण पुराने और वर्तमान plot numbers अलग हो सकते हैं।

ऐसी स्थिति में केवल online search पर निर्भर न रहें।


पुराने जमीन के कागज कहां से मिल सकते हैं?

अगर online record नहीं मिल रहा है तो संबंधित तहसील/राजस्व कार्यालय में पुराने land records के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

आपके मामले के अनुसार निम्न records उपयोगी हो सकते हैं:

  • पुरानी खतौनी
  • खसरा
  • जमाबंदी
  • अधिकार अभिलेख
  • पुराना भू-नक्शा
  • नामांतरण आदेश
  • चकबंदी record
  • बंटवारा record
  • registered sale deed
  • विरासत से संबंधित record

किस record की उपलब्धता होगी, यह राज्य और जमीन के इतिहास पर निर्भर करता है।


जमीन का मालिक कौन है कैसे पता करें?

किसी जमीन का current recorded owner पता करने के लिए संबंधित राज्य के land record portal पर उपलब्ध RoR/खतौनी/जमाबंदी record देखना उपयोगी होता है।

लेकिन यदि जमीन खरीदने या कानूनी विवाद के लिए ownership verify करनी है तो केवल online land record देखकर निर्णय लेना उचित नहीं है।

इसके साथ:

  • Registered deed
  • Mutation record
  • Encumbrance information
  • Revenue record
  • Court case information, जहां applicable हो
  • अन्य संबंधित documents

की भी जांच करनी चाहिए।

Online record हमेशा complete title search का replacement नहीं होता।


पैतृक जमीन में अपना नाम कैसे देखें?

यदि जमीन आपके पूर्वज के नाम दर्ज थी और आप जानना चाहते हैं कि वर्तमान record में आपका नाम है या नहीं, तो पहले current land record देखें।

यदि आपके पूर्वज की मृत्यु के बाद नामांतरण/दाखिल-खारिज नहीं हुआ है, तो record अभी भी पुराने खातेदार के नाम पर हो सकता है।

ऐसी स्थिति में inheritance/mutation की प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।


जमीन का नामांतरण क्या होता है?

जमीन के revenue record में ownership/interest में बदलाव दर्ज करने की प्रक्रिया को कई राज्यों में नामांतरण या दाखिल-खारिज (Mutation) कहा जाता है।

उदाहरण के तौर पर:

  • जमीन मालिक की मृत्यु
  • जमीन की बिक्री
  • विरासत
  • परिवार में वैध हस्तांतरण
  • न्यायालय के आदेश

जैसी परिस्थितियों के बाद revenue record update किया जा सकता है।

Mutation और registered title को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। Property ownership से जुड़े मामलों में संबंधित कानून और documents के अनुसार जांच जरूरी होती है।


नामांतरण का Status Online कैसे देखें?

अगर आपके राज्य में online mutation service उपलब्ध है, तो सामान्यतः प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:

  1. Official land record portal खोलें।
  2. Mutation Status / दाखिल-खारिज स्थिति option खोजें।
  3. Application/Case/Mutation number दर्ज करें।
  4. आवश्यक जानकारी भरें।
  5. Submit करें।
  6. Application की current स्थिति देखें।

कुछ राज्यों में district, tehsil या village के आधार पर भी records उपलब्ध हो सकते हैं।


क्या जमीन का भू-नक्शा मोबाइल से देख सकते हैं?

हां, यदि आपके राज्य का official Bhu-Naksha portal mobile browser पर उपलब्ध है।

आप smartphone में:

  • Chrome
  • Edge
  • Firefox
  • अन्य compatible browser

से official website खोल सकते हैं।

फिर जिला, तहसील, गांव और plot details के अनुसार map देख सकते हैं।

कुछ government websites mobile पर पूरी तरह optimized नहीं होतीं, इसलिए जरूरत पड़ने पर desktop mode भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


भू-नक्शा PDF में कैसे डाउनलोड करें?

अगर आपके राज्य के portal पर download सुविधा उपलब्ध है, तो map खोलने के बाद:

Download / Print / PDF

जैसा option दिखाई दे सकता है।

उस पर क्लिक करके document save किया जा सकता है।

लेकिन सभी portals पर PDF download सुविधा उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।


क्या Online भू-नक्शा Court में मान्य है?

यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

सिर्फ किसी website से निकाला गया सामान्य screenshot या unverified printout और certified revenue record एक जैसी चीजें नहीं हैं।

अगर आपको जमीन से संबंधित मामला:

  • Court
  • Property dispute
  • Inheritance dispute
  • Sale/Purchase
  • Bank mortgage
  • Legal verification

के लिए इस्तेमाल करना है तो संबंधित authority से certified copy लेने की आवश्यकता पड़ सकती है।

इसलिए केवल online map को अंतिम कानूनी प्रमाण मानकर कोई महत्वपूर्ण property decision न लें।


क्या Online खतौनी मुफ्त में मिलती है?

कई राज्यों में land record को देखने की सुविधा online free होती है।

लेकिन certified copy, specific services, printing या अन्य official services के लिए निर्धारित शुल्क लागू हो सकता है।

CSC या private printing centre पर print निकलवाने के लिए अलग service/printing charge भी लिया जा सकता है।

इसलिए “हर राज्य में हर land document बिल्कुल मुफ्त है” कहना सही नहीं होगा।


प्रमुख राज्यों के Land Record/Bhu-Naksha Portal

भारत में land records के लिए अलग-अलग राज्यों के अलग portals हैं। उदाहरण के तौर पर:

राज्यप्रमुख Portal
उत्तर प्रदेशUP Bhulekh / UP Bhu-Naksha
बिहारBihar Bhumi
मध्य प्रदेशMP Bhulekh
राजस्थानApna Khata
महाराष्ट्रMahabhumi
झारखंडJharbhoomi
हरियाणाJamabandi
छत्तीसगढ़Bhuiyan
पश्चिम बंगालBanglarbhumi
तेलंगानाBhu Bharati

Portal और services में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं, इसलिए किसी भी application के लिए संबंधित राज्य के current official portal से जानकारी verify करें।


उत्तर प्रदेश में बाप-दादा की जमीन कैसे देखें?

उत्तर प्रदेश में land records के लिए UP Bhulekh और map-related services के लिए UP Bhu-Naksha जैसे सरकारी portals उपलब्ध हैं।

सामान्य रूप से आपको:

जिला → तहसील → गांव → गाटा/खसरा संख्या

के आधार पर जमीन की जानकारी खोजनी होती है।

अगर गाटा संख्या नहीं पता है तो उपलब्ध search options के अनुसार खातेदार के नाम से record खोजने का प्रयास किया जा सकता है।

बहुत पुराने record के लिए current online database में जानकारी नहीं मिलने पर तहसील/राजस्व रिकॉर्ड से पुराने documents की जानकारी लेना बेहतर होगा।


बिहार में पुरानी जमीन का रिकॉर्ड कैसे देखें?

बिहार में land records के लिए सरकारी Bihar Bhumi system का उपयोग किया जाता है।

जमीन की जानकारी देखने के लिए district, anchal और mauza जैसी details की जरूरत हो सकती है।

अगर जमीन बहुत पुरानी है और online record में नहीं मिलती, तो संबंधित revenue office से पुराने record के बारे में जानकारी प्राप्त करनी पड़ सकती है।


जमीन खरीदने से पहले भू-नक्शा क्यों देखें?

अगर आप किसी व्यक्ति से जमीन खरीदने जा रहे हैं तो केवल उसके द्वारा दिखाई गई photo या नक्शे पर भरोसा न करें।

Official land record और available map देखकर आप plot number और location को cross-check कर सकते हैं।

इसके साथ यह भी जांचें कि:

  • seller का नाम record में है या नहीं
  • plot number सही है या नहीं
  • जमीन का area कितना है
  • boundaries क्या हैं
  • जमीन पर कोई recorded encumbrance/loan information है या नहीं
  • mutation status क्या है
  • registered deed की details क्या हैं

बड़े property transaction में स्थानीय property lawyer/qualified professional से title verification करवाना समझदारी है।


बाप-दादा की जमीन का रिकॉर्ड खोजने के लिए क्या-क्या जानकारी रखें?

अगर आप online search करने जा रहे हैं तो पहले यह जानकारी इकट्ठा कर लें:

  • राज्य
  • जिला
  • तहसील
  • गांव
  • मौजा
  • पुराने खातेदार का नाम
  • खाता संख्या
  • खसरा/गाटा संख्या
  • पुराने दस्तावेज
  • पुरानी registry की जानकारी
  • परिवार के सदस्यों की जानकारी

जितनी ज्यादा सही information आपके पास होगी, उतनी आसानी से पुराने record को trace किया जा सकता है।


अगर जमीन के कागज खो गए हैं तो क्या करें?

अगर पुराने कागज खो गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है।

सबसे पहले available online land records देखें।

इसके बाद जरूरत के अनुसार:

  • Sub-Registrar Office
  • Tehsil
  • Revenue Office
  • Record Room

से संबंधित documents की copy या record search के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

अगर जमीन की पुरानी registry हुई थी तो registered deed की copy के लिए संबंधित registration office की प्रक्रिया भी देखी जा सकती है।


क्या केवल नाम से जमीन की जानकारी मिल सकती है?

कुछ state portals में owner/khatedar name search उपलब्ध हो सकता है।

लेकिन हर portal में यह सुविधा जरूरी नहीं है।

और केवल नाम से search करने में एक समस्या यह भी है कि एक ही नाम के कई लोग हो सकते हैं।

इसलिए संभव हो तो:

नाम + गांव + तहसील + जिला

जैसी अतिरिक्त जानकारी का उपयोग करें।


अगर बाप-दादा की जमीन किसी और के नाम दिख रही है तो क्या करें?

यह स्थिति गंभीर हो सकती है और केवल online correction से हमेशा ठीक नहीं होती।

पहले यह पता करें कि:

  • नाम कब बदला?
  • किस आधार पर बदला?
  • mutation order क्या है?
  • sale deed/transfer deed मौजूद है या नहीं?
  • कोई court order है या नहीं?
  • परिवार में succession या partition हुआ था या नहीं?

अगर आपको लगता है कि जमीन गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज हुई है, तो संबंधित Revenue Authority या योग्य property lawyer से documents की जांच करवाएं।

केवल online record देखकर किसी व्यक्ति पर अवैध कब्जे या धोखाधड़ी का आरोप लगाना उचित नहीं है।


पुराने भू-नक्शे और जमीन के कागज निकालने के फायदे

1. पैतृक संपत्ति की जानकारी

परिवार की पुरानी जमीन का current record पता करने में मदद मिलती है।

2. Property Verification

जमीन खरीदने से पहले basic land information cross-check की जा सकती है।

3. परिवार के रिकॉर्ड व्यवस्थित करना

पुरानी संपत्ति की details को digital रूप में सुरक्षित रखा जा सकता है।

4. Mutation Process में सहायता

नामांतरण के लिए आवश्यक पुराने land details खोजने में मदद मिल सकती है।

5. जमीन विवाद में प्रारंभिक जानकारी

किसके नाम record दर्ज है और plot number क्या है, जैसी प्रारंभिक जानकारी मिल सकती है।


Online Record और Certified Copy में अंतर

विषयOnline RecordCertified Copy
उपलब्धताPortal पर, यदि digitized होसंबंधित सरकारी office से
सुविधाघर बैठेआवेदन की आवश्यकता हो सकती है
सामान्य जानकारीहांहां
Legal useपरिस्थिति पर निर्भरअधिक औपचारिक उपयोग के लिए बेहतर
पुराना recordकेवल digitized होने परRecord room में उपलब्ध हो सकता है
शुल्ककई services freeनिर्धारित fee हो सकती है

ध्यान रखें: भू-नक्शा और मालिकाना हक अलग चीजें हैं

यह सबसे जरूरी बातों में से एक है।

भू-नक्शा यह दिखा सकता है कि plot कहां है और उसकी सीमाएं क्या हैं, लेकिन केवल map देखकर property ownership तय नहीं की जा सकती।

Ownership verify करने के लिए संबंधित revenue record, registered documents और applicable legal records की जांच करनी चाहिए।

इसी तरह online खतौनी में किसी व्यक्ति का नाम दिखाई देने मात्र से हर property dispute का अंतिम कानूनी समाधान नहीं हो जाता।


FAQs – बाप-दादा की जमीन का रिकॉर्ड

क्या बाप-दादा के नाम की जमीन online देख सकते हैं?

हां, अगर संबंधित राज्य का land record digitized है और पुराने खातेदार की जानकारी database में उपलब्ध है।

क्या 50 साल पुरानी जमीन online मिल सकती है?

संभव है, लेकिन इसकी कोई nationwide guarantee नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित राज्य ने कितने पुराने records digitize किए हैं।

खसरा नंबर नहीं है तो क्या करें?

अगर state portal पर name search उपलब्ध है तो खातेदार के नाम से search करें। साथ ही गांव, तहसील और जिला जैसी जानकारी रखें।

जमीन का भू-नक्शा कैसे देखें?

अपने राज्य के official Bhu-Naksha या land-record portal पर जाकर जिला, तहसील, गांव और plot number के आधार पर map खोजें।

क्या मोबाइल से भू-नक्शा देख सकते हैं?

हां, यदि संबंधित सरकारी portal mobile browser पर उपलब्ध है।

क्या पुराने जमीन के कागज मुफ्त में मिलेंगे?

Online record देखने की सुविधा कई राज्यों में free हो सकती है, लेकिन certified copies और कुछ services के लिए शुल्क लागू हो सकता है।

Online खतौनी कोर्ट में मान्य है?

हर situation में सामान्य online print को certified copy का replacement नहीं माना जाना चाहिए। Court या कानूनी मामले में संबंधित authority से certified copy लेना बेहतर है।

दादा की जमीन अब किसी और के नाम है तो क्या करें?

पहले mutation और ownership documents की जांच करें। यदि रिकॉर्ड गलत तरीके से बदला गया है तो संबंधित revenue authority या property lawyer से कानूनी सलाह लें।

क्या भू-नक्शे से जमीन की exact सीमा पता चलती है?

Map में उपलब्ध boundaries उपयोगी होती हैं, लेकिन विवादित जमीन की physical demarcation के लिए official measurement/demarcation की जरूरत पड़ सकती है।

क्या जमीन का रिकॉर्ड केवल नाम से निकाला जा सकता है?

कुछ राज्यों में नाम से search की सुविधा होती है, लेकिन सभी राज्यों में यह सुविधा समान नहीं है।


निष्कर्ष

बाप-दादा या पूर्वजों के नाम दर्ज रही जमीन की जानकारी खोजने के लिए आज online land record और Bhu-Naksha portals काफी उपयोगी हैं। अगर जमीन का राज्य, जिला, तहसील, गांव और पुराने खातेदार का नाम या खसरा/गाटा नंबर पता है, तो कई मामलों में घर बैठे जमीन की basic information खोजी जा सकती है।

सबसे पहले अपने राज्य के official Bhulekh/Land Records/Bhu-Naksha portal पर जमीन खोजें। अगर current record मिल जाता है तो उसमें उपलब्ध खाता, खसरा/गाटा, खातेदार और area जैसी जानकारी को पुराने documents से मिलाएं।

अगर जमीन बहुत पुरानी है और online record नहीं मिलता, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि जमीन का record मौजूद ही नहीं है। संभव है कि वह अभी online digitize न हुआ हो। ऐसी स्थिति में तहसील, राजस्व कार्यालय या record room में उपलब्ध पुराने अभिलेखों की जानकारी लें।

और अगर जमीन को बेचना, खरीदना, विरासत में बांटना या किसी कानूनी विवाद में इस्तेमाल करना है, तो केवल online भू-नक्शे या सामान्य खतौनी print पर निर्भर न रहें। संबंधित registered documents, revenue records और आवश्यक होने पर certified copies की भी जांच करें।

Disclaimer: KVSir.com एक स्वतंत्र informational website है और भारत सरकार की official website नहीं है। भूमि रिकॉर्ड, भू-नक्शा, खतौनी, जमाबंदी, नामांतरण और certified copy की प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है। किसी property transaction या कानूनी विवाद में निर्णय लेने से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक Revenue/Land Records portal और संबंधित सरकारी कार्यालय से नवीनतम जानकारी अवश्य verify करें।

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