PM Vishwakarma Yojana 2026: ₹3 Lakh तक का Loan, ₹15,000 Toolkit और Training का लाभ कैसे मिलेगा?

PM Vishwakarma Yojana 2026: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, सस्ता ऋण और बाजार से जोड़ने में मदद करना है। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करते हैं, जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, नाई, धोबी, राजमिस्त्री, मोची और अन्य निर्धारित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card, Basic तथा Advanced Training, ₹15,000 तक का Toolkit Incentive, ₹3 लाख तक का Collateral-Free Loan, Digital Transaction Incentive और Marketing Support जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

PM Vishwakarma योजना को केंद्र सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आय, कौशल, उत्पादकता और बाजार तक पहुंच बेहतर करने के उद्देश्य से शुरू किया है। योजना के लिए कुल ₹13,000 करोड़ का प्रावधान FY 2023-24 से FY 2027-28 की अवधि के लिए किया गया है।


PM Vishwakarma Yojana 2026 क्या है?

PM Vishwakarma एक Central Sector Scheme है, जिसे भारत सरकार के Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises (MSME) द्वारा लागू किया जा रहा है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देना है जिनका काम पीढ़ियों से हाथों और पारंपरिक औजारों पर आधारित रहा है।

कई कारीगरों के पास व्यवसाय बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण या बाजार तक सीधी पहुंच नहीं होती। PM Vishwakarma योजना इन समस्याओं को कम करने के लिए पहचान, प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, डिजिटल भुगतान और मार्केटिंग सहायता का एक संयुक्त ढांचा प्रदान करती है।

योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को केवल आर्थिक सहायता देने पर ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि उन्हें आधुनिक कौशल और बाजार से जोड़ने का भी प्रयास किया गया है।


PM Vishwakarma Yojana 2026 के प्रमुख लाभ

इस योजना में पात्र कारीगरों को कई प्रकार की सुविधाएं मिल सकती हैं।

मुख्य लाभ

  • PM Vishwakarma Certificate
  • PM Vishwakarma ID Card
  • Basic Skill Training
  • Advanced Skill Training
  • Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन का stipend
  • ₹15,000 तक का Toolkit Incentive
  • ₹3 लाख तक का Collateral-Free Loan
  • Loan पर 5% की concessional interest rate
  • Digital transactions पर incentive
  • Branding और Marketing Support
  • Quality Certification
  • E-commerce platforms से जुड़ने में सहायता

इन सुविधाओं का उद्देश्य कारीगरों को केवल पारंपरिक काम तक सीमित रखने के बजाय उनके व्यवसाय को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।


PM Vishwakarma Yojana में ₹3 लाख का Loan

PM Vishwakarma योजना की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक Collateral-Free Enterprise Development Loan है।

पात्र लाभार्थी को कुल मिलाकर ₹3 लाख तक का ऋण दो चरणों में उपलब्ध कराया जा सकता है।

पहला चरण

पहले चरण में अधिकतम ₹1 लाख तक का ऋण दिया जाता है।

इस ऋण की repayment tenure 18 महीने है।

दूसरा चरण

पहले ऋण को निर्धारित तरीके से लेने और loan account को standard बनाए रखने तथा योजना में निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध हो सकता है।

दूसरे चरण की repayment tenure 30 महीने है।

इस प्रकार दोनों चरणों को मिलाकर अधिकतम ऋण सहायता ₹3 लाख तक हो सकती है।

क्या ₹3 लाख मुफ्त मिलते हैं?

नहीं।

यह राशि loan के रूप में दी जाती है और इसे निर्धारित नियमों के अनुसार वापस करना होता है।

सरकार loan की लागत कम रखने के लिए interest subvention उपलब्ध कराती है। योजना के अनुसार beneficiary के लिए concessional interest rate 5% निर्धारित है।

इसलिए PM Vishwakarma योजना को ₹3 लाख की मुफ्त आर्थिक सहायता समझना सही नहीं है।


₹15,000 की Toolkit Incentive

PM Vishwakarma योजना में कारीगरों को अपने काम के लिए बेहतर और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ₹15,000 तक का Toolkit Incentive दिया जाता है।

यह सहायता e-voucher के रूप में प्रदान की जाती है।

इसका उद्देश्य यह है कि कारीगर अपने पारंपरिक काम में बेहतर उपकरणों का इस्तेमाल कर सकें और उनकी productivity तथा product quality में सुधार हो।

उदाहरण के लिए बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार या अन्य कारीगर अपने काम के अनुसार आवश्यक tools का उपयोग करके काम को अधिक कुशल तरीके से कर सकते हैं।


PM Vishwakarma Training

इस योजना में skill development को भी काफी महत्व दिया गया है।

लाभार्थियों को Basic Training और Advanced Training की सुविधा दी जाती है।

Basic Training

Basic training की अवधि सामान्यतः 5 से 7 दिन होती है।

Advanced Training

Advanced training की अवधि 15 दिन या उससे अधिक हो सकती है।

Training के दौरान लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन stipend दिया जाता है। Official scheme information में training से संबंधित transport allowance का भी उल्लेख है।

Training में कारीगरों को उनके पारंपरिक काम के साथ-साथ बेहतर तकनीक, productivity, quality और आधुनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने का उद्देश्य रखा गया है।


PM Vishwakarma में Digital Transaction Incentive

सरकार कारीगरों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है।

योजना के तहत eligible digital transactions पर ₹1 प्रति transaction का incentive दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 100 eligible transactions प्रति माह तक है।

इसका उद्देश्य कारीगरों को digital payment ecosystem से जोड़ना है।

आज छोटे व्यवसायों में UPI, QR code और अन्य digital payment methods का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इस सुविधा से कारीगर अपने व्यवसाय में digital payments को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।


PM Vishwakarma Marketing Support

किसी कारीगर के लिए केवल उत्पाद बनाना पर्याप्त नहीं है। अपने उत्पाद को सही बाजार तक पहुंचाना भी जरूरी है।

इसी उद्देश्य से PM Vishwakarma योजना में Marketing Support का प्रावधान है।

इसके अंतर्गत quality certification, branding, advertising, publicity और e-commerce platforms पर onboarding जैसी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। Government scheme information में GeM जैसे e-commerce platform से जुड़ने का भी उल्लेख है।

इससे पारंपरिक कारीगरों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।


PM Vishwakarma Yojana में कौन आवेदन कर सकता है?

यह योजना सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए नहीं है।

इसमें केवल निर्धारित 18 traditional trades से जुड़े artisans और craftspeople को शामिल किया गया है।

योजना में शामिल प्रमुख trades की सूची नीचे दी गई है।

PM Vishwakarma 18 Trades List

  1. Carpenter – बढ़ई
  2. Boat Maker – नाव निर्माता
  3. Armourer – कवच/हथियार निर्माता
  4. Blacksmith / Metalsmith – लोहार
  5. Hammer and Tool Kit Maker – हथौड़ा एवं औजार निर्माता
  6. Locksmith – ताला बनाने वाला
  7. Goldsmith – सुनार
  8. Potter – कुम्हार
  9. Sculptor / Stone Carver / Stone Breaker – मूर्तिकार/पत्थर कारीगर
  10. Cobbler / Shoesmith / Footwear Artisan – मोची/जूता कारीगर
  11. Mason – राजमिस्त्री
  12. Basket/Mat/Broom Maker/Coir Weaver – टोकरी, चटाई, झाड़ू या कॉयर कारीगर
  13. Doll & Toy Maker – पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता
  14. Barber – नाई
  15. Garland Maker – माला बनाने वाला
  16. Washerman – धोबी
  17. Tailor – दर्जी
  18. Fishing Net Maker – मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला

यह 18 trades की सूची Ministry of MSME की scheme information में दी गई है।


PM Vishwakarma Yojana Eligibility 2026

योजना में आवेदन करने से पहले अपनी eligibility जांचना जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि applicant को योजना में शामिल 18 trades में से किसी एक trade में artisan या craftsperson के रूप में काम करना चाहिए

सिर्फ यह कहना कि कोई व्यक्ति अपना छोटा व्यवसाय करता है, PM Vishwakarma के लिए पर्याप्त नहीं है। उसका काम योजना में निर्धारित trade से संबंधित होना चाहिए।

इसके अलावा योजना की official guidelines में beneficiary eligibility, family-related restrictions और अन्य conditions लागू होती हैं।

इसलिए आवेदन करने से पहले current official guidelines को जरूर पढ़ना चाहिए।


क्या महिलाएं PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन कर सकती हैं?

हां।

योजना किसी एक gender तक सीमित नहीं है। निर्धारित trade में काम करने वाली पात्र महिला artisan भी योजना का लाभ ले सकती हैं।

उदाहरण के लिए यदि कोई महिला दर्जी, कुम्हार, माला निर्माता, basket maker या योजना में शामिल किसी अन्य trade में काम करती है और बाकी eligibility conditions पूरी करती है, तो वह आवेदन कर सकती है।


PM Vishwakarma के लिए कौन से Documents चाहिए?

आवेदन के दौरान applicant की पहचान और अन्य आवश्यक जानकारी verify की जाती है।

आवेदन से पहले सामान्य रूप से निम्न जानकारी/documents तैयार रखना उपयोगी है:

  • Aadhaar Card
  • Mobile Number
  • Bank Account Details
  • बैंक पासबुक
  • व्यवसाय/trade से संबंधित जानकारी
  • आवश्यक व्यक्तिगत विवरण
  • परिवार से संबंधित जानकारी, जहां आवश्यक हो

ऑनलाइन portal पर आवेदन और benefit processing के दौरान व्यक्तिगत तथा अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। PM Vishwakarma portal की privacy information में Aadhaar number, mobile number, address, family details और loan application information जैसी जानकारी के collection का उल्लेख है।

ध्यान दें: अलग-अलग stage पर मांगे जाने वाले documents और verification requirements official instructions के अनुसार बदल सकते हैं।


PM Vishwakarma Yojana Online Apply कैसे करें?

PM Vishwakarma योजना में enrollment/application के लिए नजदीकी Common Service Centre (CSC) से सहायता ली जा सकती है। Ministry of MSME की scheme information भी applicants को nearest CSC के माध्यम से online application/enrollment की ओर निर्देशित करती है।

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया

Step 1: अपने नजदीकी CSC पर जाएं।

Step 2: PM Vishwakarma योजना के लिए आवेदन/enrollment की जानकारी दें।

Step 3: आवश्यक पहचान और व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध कराएं।

Step 4: Aadhaar-based verification/e-KYC की प्रक्रिया पूरी करें।

Step 5: अपना traditional trade चुनें।

Step 6: आवेदन में मांगी गई जानकारी भरें।

Step 7: आवश्यक verification process पूरा करें।

Step 8: आवेदन submit होने के बाद acknowledgement/application details सुरक्षित रखें।

इसके बाद application संबंधित verification और आगे की प्रक्रिया से गुजरता है।


क्या PM Vishwakarma में CSC से आवेदन कर सकते हैं?

हां।

PM Vishwakarma के लिए enrollment/application process में Common Service Centres (CSCs) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को online application करने में परेशानी है तो वह नजदीकी CSC पर जाकर सहायता ले सकता है। Ministry of MSME की scheme booklet में भी आवेदन के लिए nearest CSC का उल्लेख किया गया है।

CSC पर जाने से पहले अपने Aadhaar, mobile number और bank details जैसी जरूरी जानकारी साथ रखना बेहतर है।


PM Vishwakarma में Selection और Verification कैसे होता है?

आवेदन submit करने के बाद सीधे loan या toolkit मिलना जरूरी नहीं है।

पहले applicant और उसके traditional trade से संबंधित जानकारी का verification किया जाता है।

योजना में beneficiary identification और verification के बाद विभिन्न benefits उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

इसलिए आवेदन के दौरान दी गई जानकारी सही होना बहुत जरूरी है।

यदि कोई व्यक्ति वास्तव में योजना में शामिल trade में काम नहीं करता है और गलत जानकारी देकर आवेदन करता है, तो उसका आवेदन verification में अस्वीकार किया जा सकता है।


PM Vishwakarma Certificate और ID Card

योजना में eligible beneficiaries को PM Vishwakarma Certificate और ID Card के माध्यम से recognition दिया जाता है।

यह recognition पारंपरिक कारीगरों को एक औपचारिक पहचान देने के उद्देश्य से है।

इसके माध्यम से beneficiary को scheme के अंतर्गत उपलब्ध अन्य सुविधाओं तक पहुंच प्राप्त करने में मदद मिलती है।


PM Vishwakarma Yojana का उद्देश्य क्या है?

इस योजना के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं।

1. Traditional Skills को मजबूत करना

भारत में कई पारंपरिक व्यवसाय पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। योजना इन skills को support करने का प्रयास करती है।

2. Modern Tools उपलब्ध कराना

बेहतर tools से productivity और product quality बढ़ाई जा सकती है।

3. सस्ता Credit उपलब्ध कराना

कारीगरों को business development के लिए collateral-free credit उपलब्ध कराया जाता है।

4. Skill Development

Training के माध्यम से कारीगरों को modern techniques सीखने का अवसर मिलता है।

5. Digital Payments को बढ़ावा देना

Digital transaction incentive के माध्यम से cashless payments को प्रोत्साहित किया जाता है।

6. Market Access

Marketing और branding support के माध्यम से कारीगरों को नए बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।


PM Vishwakarma Yojana 2026 में कितने लोगों को लाभ मिला?

PM Vishwakarma का implementation बड़े स्तर पर हुआ है।

Ministry of MSME के dashboard के अनुसार 31 July 2026 तक 30 लाख registrations, लगभग 26.96 लाख skill verification, 24.30 लाख basic training completions, ₹5,235.8 करोड़ के loans approved और 26.04 लाख e-vouchers issued दर्ज किए गए थे।

ये आंकड़े समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए latest figures के लिए official MSME dashboard देखना बेहतर है।


क्या PM Vishwakarma Loan बिना Guarantee मिलता है?

हां।

योजना के तहत Enterprise Development Loan को collateral-free बनाया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे कारीगरों को formal credit तक पहुंच देना है जिनके पास loan लेने के लिए traditional collateral उपलब्ध नहीं होता।

पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।


क्या PM Vishwakarma में ₹15,000 वापस करना पड़ता है?

Toolkit Incentive loan नहीं है। यह eligible beneficiaries को toolkit support के रूप में दिया जाता है और official scheme information में इसकी अधिकतम राशि ₹15,000 बताई गई है।

हालांकि benefit प्राप्त करने के लिए beneficiary को scheme की निर्धारित eligibility और process पूरी करनी होती है।


क्या PM Vishwakarma Yojana में कोई Last Date है?

इस योजना को लेकर social media और अन्य websites पर अलग-अलग last dates की जानकारी मिल सकती है।

इसलिए किसी भी निश्चित अंतिम तारीख को देखकर आवेदन करने के बजाय official PM Vishwakarma portal और Ministry of MSME की latest information देखना चाहिए।

योजना की अवधि FY 2023-24 से FY 2027-28 के लिए निर्धारित की गई है।


PM Vishwakarma Yojana में आवेदन के बाद क्या करें?

आवेदन करने के बाद applicant को अपनी application details सुरक्षित रखनी चाहिए।

इसके अलावा:

  • application status check करते रहें
  • CSC से प्राप्त acknowledgement संभालकर रखें
  • verification के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध रखें
  • training से संबंधित सूचना पर ध्यान दें
  • loan के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करें
  • bank से संबंधित जानकारी सही रखें
  • किसी अनजान व्यक्ति को OTP या banking PIN न दें

यदि कोई व्यक्ति PM Vishwakarma के नाम पर पैसे या personal banking information मांगता है, तो पहले उसकी authenticity verify करें।


PM Vishwakarma Yojana Official Website

PM Vishwakarma योजना की official website:

PM Vishwakarma Official Portal

योजना से संबंधित broader information के लिए Ministry of MSME की official website भी देखी जा सकती है।

Ministry of MSME


PM Vishwakarma Yojana 2026 – Important Details

विवरणजानकारी
योजना का नामPM Vishwakarma
शुरुआत2023
संबंधित मंत्रालयMinistry of MSME
योजना अवधिFY 2023-24 से FY 2027-28
कुल Financial Outlay₹13,000 करोड़
Covered Trades18
Toolkit Incentiveअधिकतम ₹15,000
Basic Training5–7 दिन
Advanced Training15 दिन या अधिक
Training Stipend₹500 प्रति दिन
पहला Loanअधिकतम ₹1 लाख
दूसरा Loanअधिकतम ₹2 लाख
कुल Loanअधिकतम ₹3 लाख
Interest Rate5% concessional rate
Digital Incentive₹1 प्रति eligible transaction, अधिकतम 100/माह
Application AssistanceCSC

PM Vishwakarma Yojana FAQs

PM Vishwakarma Yojana क्या है?

यह भारत सरकार की योजना है जो निर्धारित 18 traditional trades में काम करने वाले artisans और craftspeople को recognition, training, toolkit, credit और marketing support उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

PM Vishwakarma में कितने रुपये का Loan मिलता है?

पात्र लाभार्थियों को दो चरणों में कुल ₹3 लाख तक का collateral-free loan मिल सकता है—पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख।

क्या ₹3 लाख मुफ्त मिलते हैं?

नहीं। ₹3 लाख तक की राशि loan है। इसे निर्धारित repayment conditions के अनुसार वापस करना होता है।

PM Vishwakarma में Toolkit के लिए कितने रुपये मिलते हैं?

अधिकतम ₹15,000 का toolkit incentive उपलब्ध है।

Training के दौरान कितना पैसा मिलता है?

Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन stipend का प्रावधान है।

PM Vishwakarma में कितने trades शामिल हैं?

वर्तमान scheme information में 18 traditional trades शामिल हैं।

क्या Tailor भी PM Vishwakarma में शामिल है?

हां। Tailor (Darzi) योजना में शामिल 18 trades में से एक है।

क्या Barber और Washerman भी आवेदन कर सकते हैं?

हां, Barber और Washerman दोनों covered trades में शामिल हैं, subject to applicable eligibility and verification.

PM Vishwakarma के लिए आवेदन कहां करें?

Enrollment/application के लिए nearest Common Service Centre (CSC) से सहायता ली जा सकती है।

क्या महिलाएं PM Vishwakarma का लाभ ले सकती हैं?

हां, पात्र महिला artisans भी योजना का लाभ ले सकती हैं, यदि वे covered trade और अन्य applicable conditions को पूरा करती हैं।

क्या PM Vishwakarma पूरे भारत में लागू है?

यह Central Sector Scheme है और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों के artisans और craftspeople को cover करती है।

PM Vishwakarma का official portal कौन सा है?

योजना का official portal pmvishwakarma.gov.in है।


Conclusion

PM Vishwakarma Yojana 2026 भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को formal support system से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना में केवल loan ही नहीं बल्कि recognition, skill training, toolkit assistance, digital transaction incentive और marketing support जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

पात्र कारीगरों को दो चरणों में ₹3 लाख तक का collateral-free enterprise development loan, अधिकतम ₹15,000 का toolkit incentive और training के दौरान ₹500 प्रतिदिन stipend मिल सकता है।

हालांकि PM Vishwakarma को ₹3 लाख की मुफ्त सरकारी सहायता समझना सही नहीं है। Loan को निर्धारित शर्तों के अनुसार वापस करना होता है और अलग-अलग benefits प्राप्त करने के लिए scheme की eligibility तथा verification process पूरी करनी होती है।

यदि आप बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, मोची, नाई, धोबी, राजमिस्त्री या योजना में शामिल अन्य 18 traditional trades में काम करते हैं, तो PM Vishwakarma आपके व्यवसाय को बेहतर tools, training, formal credit और market support से जोड़ने का अवसर दे सकती है।

आवेदन या किसी benefit का दावा करने से पहले official PM Vishwakarma portal और Ministry of MSME की latest information जरूर verify करें।

Disclaimer: KVSir.com एक स्वतंत्र informational website है। यह भारत सरकार, Ministry of MSME या PM Vishwakarma के official portal की वेबसाइट नहीं है। योजना की eligibility, documents, application process, benefits और अन्य नियम समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी आवेदन या financial decision से पहले संबंधित official government portal पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें।

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